मृत्युभोज पर राजकीय उच्च प्राथमिक विधालय थलांजु में 26 जनवरी 2018 को प्रस्तुत नाटक का अंश : परिवार की आर्थिक स्थिति : परिवार जिसमे 3 पुत्र है परिवार जब छोटा था तब पिता जी जैसे तैसे भी खेती बाड़ी करके और काम चलाया .. थोडा थोडा सभी को पढाया फिर सभी की शादीयां कर दी.. थोड़े साल बाद पुत्र अलग होते गए ... पिताजी के पास एक पुत्र बचा जो उनकी देखभाल कर रहा था ... सब अपने अपने काम -धंधे और मजूरी के लिए बाहर काम पर चल गए.... पिताजी की उम्र अब 70 साल को हो चली है.. सयोंग से पिताजी को कुछ बीमारी लग जाती है जिससे शरीर का कुछ हिस्सा काम करना बंद कर देता है .... पिता जी हालात आए दिन बुरी होती जा रही है.. साथ में रहने वाला पुत्र एक दो बार इधर उधर डॉक्टर के पास ले जाता है लेकिन इलाज के लिए डॉक्टर्स की मोटी रकम देख उसके चहरे पर पसीने आ जाते है.. मन ही मन मारा जा रहा है और भगवान को याद करता ही कैसा दुःख आपने मेरे उपर दिया है ? फिर अपने से अलग हुए भाइयों से मदद मांगता है बाकि के भाई एक बार मदद के लिए आगे आते है और पिता जी इलाज करवा लेते है ... जैसे तैसे करके पिता जी को घर पर लाया जाता है.. उस...
भारत के इतिहास में पहली बार अभिनव राजस्थान पार्टी विधान सभा चुनाव 2018 में स्टाम्प पर शपथ पत्र देकर चुनाव प्रक्रिया में भाग लेगी | अभिनव राजस्थान पार्टी भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार कोई राजनीतिक पार्टी विधानसभा का चुनाव स्टाम्प पर एफिडेविट देकर भाग लेगी । यह एफिडेविट प्रदेश स्तर पर और प्रत्येक विधानसभा के स्तर पर पार्टी द्वारा दिया जाएगा, जिसमें जनता से किए गए वादों को चुनाव जीतने के बाद निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं करने कोई भी व्यक्ति सक्षम न्यायालय में जाकर वादाखिलाफी और धोखे का केस कर सकेगा। ऐसे में पार्टी और जीते हुए सदस्यों को बेदखल करने का अधिकार जनता को मिल जाएगा, जो रिकॉल के अधिकार से भी अधिक प्रभावी और सरल होगा। जी हां, इस साल के अंत में होने वाले राजस्थान विधानसभा के चुनाव में ऐसी पार्टी ने उतरने की घोषणा कर दी है, जिसका नाम अभिनव राजस्थान पार्टी है। पिछले कई वर्षों के जनजागरण के बाद तैयार किए गए अपने विकास के मॉडल को लेकर अभियान के साथी जनता के सामने जा रहे हैं। गत एक फरवरी को जयपुर के बिड़ला सभागार में अभियान के एक हजार साथियों ने यह ...
RIDE FOR GENDER FREEDOM: --- राकेश कुमार सिंह ( राइडर राकेश ) बिहार के गांव तरियानी छपरा निवासी है उनकी उम्र 43 वर्ष है. उन्होंने चेन्नई से ' राइड फॉर जेंडर फ्रीडम ' साइकिल यात्रा पर निकले थे अब तक वह साढ़े 3.5 वर्षो में 15 राज्यों की लगभग 22,000 किलोमीटर यात्रा पूरी कर चुके है। इस सफर में चेन्नई से शुरू होते हुए पुडुच्चेरी , तमिलनाडु , केरल , कर्नाटक , तेलंगाना , उत्तर प्रदेश , आंध्र प्रदेश , ओडिशा , बिहार , मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र , हरियाणा , दिल्ली और पंजाब, राजस्थान तक पहुंचे है। उनका उद्देश्य महिलाओं को समान भागीदारी दिलाने के लिए पूरे देश में साइकिल चला कर जागरूकता फैलाना है एवं एसिड पीड़िताओं के साथ काम कर उनके दर्द और संघर्षो को करीब से समझने की घटना ने उनको भीतर तक झकझोर दिया। भ्रूणहत्या , तेजाब हमला , दहेज उत्पीड़न व घरेलू हिंसा से जूझ रही देश की आधी आबादी को ' निरीह ' मानने वाली सोच पुरुषों में कब घर कर जाती है , इसलिए उनको मजबूर कर दिया कि देशभर में घूमकर और लोगों से मिलकर इस सोच की वजह जानने की कोशिश करे इसी इरादे से उन्होंने साइ...
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